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मलिहाबाद। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 के खिलाफ मलिहाबाद बार एसोसिएशन ने खुलकर विरोध जताया है। इस संबंध में गुरुवार को एसोसिएशन की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष जे.के. सिंह एडवोकेट ने की और संचालन महामंत्री राम भरोसे रावत ने किया।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यह प्रस्तावित संशोधन बिल अधिवक्ताओं के संवैधानिक एवं मौलिक अधिकारों के विरुद्ध है। अधिवक्ताओं का मानना है कि यह संशोधन भविष्य में अधिवक्ता समुदाय की एकता और स्वतंत्रता को बाधित करेगा तथा उनके अधिकारों का दमन करने के उद्देश्य से लाया गया है।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ एवं उपाध्यक्ष अनुराग पांडेय द्वारा सभी बार एसोसिएशंस के अध्यक्ष एवं मंत्रियों को पत्र भेजकर इस बिल का विरोध करने की अपील की गई थी। इसी क्रम में मलिहाबाद बार एसोसिएशन ने भी इस बिल का मुखर विरोध करने का निर्णय लिया है।
21 फरवरी को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे अधिवक्ता
मलिहाबाद बार एसोसिएशन ने यह घोषणा की है कि 21 फरवरी 2025 को सभी अधिवक्ता काली पट्टी बांधकर इस बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे और न्यायिक कार्य से पूरी तरह विरत रहेंगे।
बार एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि इस प्रस्तावित संशोधन बिल को तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।